Bedsore and Homeopathy
आज विश्व वृद्ध जन्म दिवस पर मैं सोशल मीडिया पर संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए इस फोटो को लग रहा हूं ज्यादातर अस्वस्थ होने पर हम बुजुर्ग लोग अपने बूढ़े माता-पिता को बिस्तर पर लेटा देते हैं और जिसका परिणाम होता है कि अशक्त होने के कारण माता-पिता स्वयं अपने शरीर को मोड नहीं पाते हैं ऐसे में बिस्तर और शरीर जहां पर जुड़ते हैं वहां पर धीरे-धीरे ऑक्सीजन का अभाव हो जाता है और उसे ऑक्सीजन के अभाव के कारण उसे स्थान की कोशिकाएं सड़ने लगते हैं जिसे आप बेडसोर कहते हैं बेड सोर चुकी सड़ने के कारण उत्पन्न होता है ऑक्सीजन की कमी के कारण उत्पन्न होता है और यह ज्यादातर ठीक नहीं होता है यदि लगातार गिरने के कारण बेड सोर हुआ है तो यह अंदर से हड्डी की तरफ से बाहर की ओर आता है तब यह ज्यादा खतरनाक स्थिति पैदा करता है जब इसका पानी शरीर के दूसरे भागों में लगता है तो वहां पर भी जल्दी-जल्दी बेड सोर हो जाता है और एलोपैथ में इसकी कोई सार्थक दवा नहीं है डॉक्टर सिर्फ एंटीबायोटिक देंगे कहेंगे वहां पर आप सिबाजाल पाउडर लगाइए और यदि आपके पास बहुत पैसा है और बेडसोर का घाव छोटा है तो आप प्लास्टिक सर्जरी भी कर सकते हैं इसके अलावा डॉक्टर आपके यहां सलाह देंगे कि हर थोड़े समय के बाद करीब एक डेढ़ घंटे के बाद आप मरीज को पलटते रहिए इसी तरह का एक मरीज संगठन के संपर्क में आया और संगठन ने अपने नैना दयाल उपचार केंद्र में इनको सिर्फ कैलकेरिया सल्फ 3X है दिया है और आप इन्हें बहुत फायदा है इस फोटो को लगाकर सिर्फ आपको यह संवेदनशील करना चाहते हैं कि जब आप बुजुर्ग व्यक्ति को अस्वस्थ होने पर बिस्तर पर लेताएं तो कुछ देर बाद उसे पलटते रहे नहीं तो बेडसोर जैसी समस्या पैदा हो जाती है वैसे तो उसके लिए कैल्केरिया सेल्फ 3x6x एक बहुत बेहतरीन दवा है जिसको लगातार 2 महीना 3 महीना देने से व्यक्ति ठीक हो जाता है लेकिन यदि आपको कुछ और परेशानी है तो आप संगठन से संपर्क कर सकते हैं ताकि हम एक बेहतर समाज बनाने के लिए और बेहतर काम कर सके आज आज विश्व वृद्ध जन्म दिवस के दिन यह पोस्ट सिर्फ आपको बेड सोर के प्रति संवेदनशील बनाने और वृद्ध लोगों के प्रति आपका दायित्व को बोध कराने के लिए लगाई गई है लिए कुछ बेहतर करते हैं अखिल भारतीय अधिकार संगठन

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